शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का बड़ा हमला: “जंतर-मंतर आंदोलन सरकार की विफलता, छत्तीसगढ़ की डबल इंजन सरकार अब ‘बोगी’ बन गई”
बेेमेतरा प्रवास के दौरान कई राष्ट्रीय और प्रदेश के मुद्दों पर खुलकर बोले शंकराचार्य, सरकार, युवा आंदोलन, आदिवासी संस्कृति और संतों की भूमिका पर रखी बेबाक राय।

बेेमेतरा | छत्तीसगढ़ दौरे पर पहुंचे ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने देश और प्रदेश के कई अहम मुद्दों पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर हुआ प्रदर्शन केवल युवाओं का आंदोलन नहीं था, बल्कि केंद्र सरकार की नीतियों और विफलताओं के खिलाफ जनता का आक्रोश था।

कंगना रनौत के ‘गटर जेनरेशन’ वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि किसी को भी अपनी बात रखने की स्वतंत्रता है, लेकिन सार्वजनिक जीवन में मर्यादा और जिम्मेदारी भी जरूरी है।
उत्तर प्रदेश की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए शंकराचार्य ने कहा कि जनता को भय के माहौल में नहीं बल्कि स्वतंत्र वातावरण में अपनी बात रखने का अधिकार होना चाहिए। उन्होंने ‘रावण राज’ और ‘रामराज्य’ का उल्लेख करते हुए लोकतांत्रिक मूल्यों पर जोर दिया।
छत्तीसगढ़ सरकार के कामकाज पर उन्होंने कहा कि प्रदेश की तथाकथित ‘डबल इंजन’ सरकार अब स्वतंत्र निर्णय लेने के बजाय केंद्र के निर्देशों पर अधिक निर्भर दिखाई देती है।
आदिवासी संस्कृति और प्राकृतिक संसाधनों के मुद्दे पर उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जंगल, जमीन और स्थानीय संस्कृति की रक्षा आवश्यक है तथा विकास के साथ स्थानीय समुदायों की भागीदारी सुनिश्चित होनी चाहिए।
संतों की भूमिका पर उन्होंने कहा कि समाज में अन्याय या अत्याचार होने पर संतों का दायित्व है कि वे जनता की आवाज़ बनकर सामने आएं।



