
जांजगीर-चांपा। जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ ब्लॉक से एक शिक्षिका का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जिसमें वे स्कूलों में लागू किए गए नए ऑनलाइन अटेंडेंस ऐप का खुलकर विरोध करती नजर आ रही हैं। वायरल वीडियो में शिक्षिका ने छत्तीसगढ़ी भाषा में शासन-प्रशासन पर तीखे सवाल उठाए हैं।

उन्होंने कहा है कि अटेंडेंस ऐप के माध्यम से शिक्षकों को परेशान किया जा रहा है। यदि शिक्षकों के लिए समय पर उपस्थिति अनिवार्य है तो यह नियम सभी विभागों, नेताओं और अधिकारियों पर भी समान रूप से लागू होना चाहिए। वीडियो में शिक्षिका ने सरकार को चेतावनी तक दे डाली। इसके साथ ही उन्होंने सड़कों पर घूम रहे मवेशियों की समस्या का भी जिक्र किया है।
शिक्षिका की पहचान निर्मला कोमल के रूप में हुई है। निर्मला कोमल ने वीडियो में सवाल उठाया कि यदि पारदर्शिता लाने के लिए यह व्यवस्था इतनी ही जरूरी है तो इसे केवल शिक्षा विभाग तक सीमित क्यों रखा गया है। उन्होंने मांग उठाई कि जिला कलेक्टर से लेकर अन्य सभी प्रशासनिक अधिकारियों की दैनिक उपस्थिति भी ऐप के जरिए सार्वजनिक की जानी चाहिए। इसके अलावा उन्होंने मुख्यमंत्री के दैनिक कार्यक्रमों और दौरों की भी आम जनता द्वारा ऑनलाइन मॉनिटरिंग की व्यवस्था करने की बात कही।

वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली और शिक्षकों के अनुशासन को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। लोग इसे शिक्षिका की बेबाकी बता रहे हैं तो कुछ इसे अनुशासनहीनता मान रहे हैं।

जांजगीर-चांपा डीईओ अशोक सिन्हा ने बताया कि, नवागढ़ ब्लॉक के तुलसी हाईस्कूल में पदस्थ व्याख्याता का वीडियो वायरल हुआ है। इसमें अनुशासनहीनता दिख रही है। इस मामले में नोटिस जारी कर कार्रवाई की जा रही है।





