राम मंदिर में पुजारियों के लिए ड्रेस कोड अनिवार्य, अब तय वेशभूषा में ही होगी पूजा-अर्चना

अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर के सभी पुजारियों के लिए निर्धारित ड्रेस कोड का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने का निर्णय लिया है। अब मंदिर में सेवा देने वाले प्रत्येक पुजारी को पीतांबरी चौबंदी, धोती और साफा पहनकर ही पूजा-अर्चना करनी होगी। पहले यह व्यवस्था लागू होने के बावजूद पूरी तरह प्रभावी नहीं हो पाई थी, लेकिन अब इसे अनिवार्य रूप से लागू किया जा रहा है

ट्रस्ट की ओर से उपलब्ध कराई गई विशेष वेशभूषा
ट्रस्ट ने सभी पुजारियों को गर्मी और सर्दी के लिए अलग-अलग दो-दो सेट उपलब्ध कराए हैं। चौबंदी के बाईं ओर ट्रस्ट का आधिकारिक लोगो अंकित किया गया है। पुजारी सामान्य कपड़ों में मंदिर पहुंचेंगे और परिसर में निर्धारित ड्रेस पहनने के बाद ही अपनी सेवा शुरू करेंगे। उनके निजी कपड़ों को सुरक्षित रखने की व्यवस्था भी मंदिर परिसर में की गई है।
सुबह 4 बजे से शुरू होती है सेवा
रामलला और राम परिवार मंदिर के पुजारियों की ड्यूटी सुबह 4 बजे से प्रारंभ होती है। इस दौरान भगवान के जागरण, अभिषेक, मंगला आरती, श्रृंगार और भोग सहित सभी धार्मिक अनुष्ठान तय समय पर संपन्न कराए जाते हैं। वहीं अन्य मंदिरों के पुजारी सुबह 6 बजे से अपनी सेवा शुरू करते हैं और सुबह 7 बजे से श्रद्धालुओं के लिए दर्शन शुरू हो जाते हैं।
अब पूरी तरह लागू होगा ड्रेस कोड
मंदिर में ड्रेस कोड की व्यवस्था वर्ष 2024 में लागू की गई थी। हालांकि उस समय तत्कालीन मुख्य पुजारी स्वर्गीय आचार्य सत्येंद्र दास को स्वास्थ्य कारणों से इसमें छूट दी गई थी। उनके निधन के बाद ट्रस्ट ने सभी पुजारियों के लिए समान रूप से ड्रेस कोड लागू करने का फैसला लिया है।
दान पेटी की गिनती पर भी रहेगी कैमरों की निगरानी
मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी पारदर्शिता बढ़ाने के लिए अब दान पेटी से धन निकालने से लेकर उसकी गिनती तक पूरी प्रक्रिया सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में की जा रही है। इसका उद्देश्य व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाना है।
2 सितंबर की बैठक में होंगे अहम फैसले
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अगली बैठक 2 सितंबर को प्रस्तावित है। बैठक में मंदिर प्रशासन को और मजबूत बनाने के लिए सीईओ, प्रवक्ता और सचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्ति को लेकर निर्णय लिया जा सकता है। सूत्रों के अनुसार, मंदिर निर्माण कार्य से जुड़े वरिष्ठ इंजीनियर जगदीश आपले का नाम सचिव पद के लिए चर्चा में है।



