
रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रदेश की भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास, खनिज संशोधन विधेयक, जर्जर स्कूलों, पेपर लीक, महंगाई, शराब-सट्टा और शिक्षा विभाग में तबादलों समेत कई मुद्दों को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। भूपेश बघेल ने सरकार से कई मामलों में स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।

पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर सरकार के दावों पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार और उसके मंत्री 18 लाख प्रधानमंत्री आवास बनने का दावा करते हैं, जबकि भाजपा सांसद बृजमोहन अग्रवाल के पत्र के जवाब में मंत्रालय की ओर से करीब 10 लाख मकान बनने की जानकारी दी गई है। उन्होंने कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर सही आंकड़ा क्या है।
खनिज संशोधन विधेयक को लेकर भूपेश बघेल ने कहा कि केंद्र सरकार के इस फैसले से छत्तीसगढ़ को बड़ा नुकसान हो सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार इस मुद्दे पर चुप है। उन्होंने सवाल किया कि राज्य को इसके बदले क्या मिल रहा है और सरकार इस पर स्थिति स्पष्ट क्यों नहीं कर रही है।

स्कूलों की स्थिति को लेकर भूपेश बघेल ने कहा कि प्रदेश में बड़ी संख्या में स्कूल भवनविहीन और जर्जर हैं। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने स्कूलों के संधारण के लिए 1800 करोड़ रुपये स्वीकृत किए थे, जिसमें से 1100 करोड़ रुपये जारी भी किए गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता परिवर्तन के बाद भाजपा सरकार ने 700 करोड़ रुपये की राशि रोक दी और 10 हजार स्कूल बंद कर दिए। उन्होंने कहा कि इसी वजह से प्रदेश में जेन अल्फा आंदोलन जगह-जगह देखने को मिल रहा है।
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में पेपर लीक मामले को लेकर भी पूर्व मुख्यमंत्री ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि नए कानून के बाद प्रदेश में यह पहला बड़ा पेपर लीक मामला सामने आया है। भूपेश बघेल ने दावा किया कि आरोपी दुर्ग से पकड़ा गया और पेपर कवर्धा में मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि इसमें कहीं न कहीं भाजपा से जुड़े लोगों की भूमिका हो सकती है। उन्होंने कहा कि पूरे देश में पेपर लीक का एक नेक्सस काम कर रहा है और पेपर लीक करने वालों में कानून का भय नहीं है।

एथेनॉल के मुद्दे पर भूपेश बघेल ने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि पनीर में मिलावट पकड़ी जा रही है, लेकिन पेट्रोल में मिलावट पर क्या कार्रवाई होगी, यह भी सरकार को बताना चाहिए। उन्होंने चीनी की बढ़ती कीमतों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि शक्कर के दाम में करीब 30 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने सवाल किया कि प्रदेश में चार शुगर मिल होने के बावजूद शक्कर महंगी क्यों हो रही है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रदेश में नकली और ओवररेट शराब मिलने तथा सट्टा चलने का आरोप लगाया। उन्होंने सवाल किया कि सौरभ चंद्राकर और शुभम सोनी अब तक सामने क्यों नहीं आए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार उन्हें वापस लाने को लेकर गंभीर नहीं है। भाजपा द्वारा युवाओं के बीच पहुंच बढ़ाने की कवायद पर भी भूपेश बघेल ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सांसदों को स्कूलों में जाने के लिए कह रहे हैं और RSS प्रमुख मोहन भागवत भी इस मुद्दे पर सामने आ चुके हैं। शिक्षा विभाग में तबादलों को लेकर भूपेश बघेल ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश में ‘ट्रांसफर उद्योग’ चल रहा है। उन्होंने दावा किया कि तबादलों के रेट भी तय हैं और जिस तरह से सूचियां जारी की जा रही हैं, वह खुद सवालों के घेरे में है।
रायपुर AIIMS के दीक्षांत समारोह के निमंत्रण पत्र में सांसद बृजमोहन अग्रवाल और विजय बघेल का नाम नहीं होने के मामले पर भी भूपेश बघेल ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्थिति खराब है और गुटबाजी चरम पर है। उन्होंने इसे जनप्रतिनिधियों का अपमान बताते हुए आरोप लगाया कि प्रदेश में ‘अधिकारी राज’ चल रहा है। उन्होंने कहा कि बृजमोहन अग्रवाल जैसे नेता दिशा की बैठक के अलावा अन्य बैठकों की अध्यक्षता नहीं कर सकते। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि वे ऐसा करके दिखाएं।



