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दुर्ग सेंट्रल जेल का कलेक्टर अभिजीत सिंह ने किया औचक निरीक्षण, व्यवस्थाओं का लिया जायजा

वर्चुअल पेशी बढ़ाने, लंबित भुगतान जल्द निपटाने और अनुपस्थित अधिकारी को नोटिस जारी करने के दिए निर्देश।

दुर्ग। जिला कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी अभिजीत सिंह ने सोमवार को केंद्रीय जेल दुर्ग का औचक निरीक्षण कर जेल की व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने जेल की विभिन्न शाखाओं, अस्पताल, उद्योग इकाई, महिला प्रकोष्ठ, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष, मुलाकात कक्ष, पाकशाला, नव निर्मित बैरक और स्टाफ क्वार्टर सहित कई व्यवस्थाओं का बारीकी से अवलोकन किया।

कलेक्टर ने वारंट शाखा का निरीक्षण करते हुए विचाराधीन बंदियों की अधिक से अधिक वर्चुअल पेशी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि न्यायिक प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके। उन्होंने पीड़ित पक्ष की लंबित प्रतिकर राशि की जानकारी शीघ्र समिति के समक्ष प्रस्तुत कर भुगतान सुनिश्चित करने को भी कहा।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने नव निर्मित बैरक एवं स्टाफ क्वार्टर का जल्द उपयोग शुरू करने, बंदियों द्वारा निर्मित बैरक का लोक निर्माण विभाग से समन्वय कर शीघ्र हैंडओवर कराने तथा उद्योग सेक्शन में शेड निर्माण के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही जेल परिसर की जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए नालियों की नियमित सफाई कराने पर भी जोर दिया।

जेल अधीक्षक मनीष संभाकर ने बताया कि बंदियों द्वारा तैयार फर्नीचर एवं अन्य उत्पाद विभिन्न जेलों, न्यायालयों और सरकारी विभागों को मांग के अनुसार उपलब्ध कराए जाते हैं। इस पर कलेक्टर ने इन उत्पादों के बेहतर विपणन और बिक्री बढ़ाने के लिए आवश्यक सुझाव दिए। उन्होंने जेल परिसर स्थित गौशाला का भी निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान उप जेल अधीक्षक (उद्योग) अशोक कन्नौजिया निर्धारित समय पर अनुपस्थित मिले। इस पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए उनके खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

जेल प्रशासन के अनुसार वर्तमान में केंद्रीय जेल दुर्ग में 2,273 पुरुष बंदी और 134 महिला बंदी (5 बच्चों सहित) निरुद्ध हैं। निरीक्षण के दौरान डिप्टी कलेक्टर सोनाल डेविड, एसडीएम प्रफुल्ल कुमार गुप्ता एवं जेल अधीक्षक मनीष संभाकर भी उपस्थित रहे।

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